समाज की रूढी-परम्पराओं, झूठी शान, आडंबरों से परदा उठाती कहानी- 'परदा'

लेखक

  • डॉ. प्रमोद पडवळ ##default.groups.name.author##

सार

यशपाल हिंदी साहित्य में प्रेमचंद-युग के बाद के एक प्रमुख कथाकार हैं। प्रेमचंद के बाद कथा-लेखन में एक नए युग का सूत्रपात करने का श्रेय अकेले यशपाल को ही जाता है। क्रांतिकारी विचारों से ओत-प्रोत यशपाल समाज में सामाजिक और आर्थिक समानता लाने के प्रबल पक्षधर थे। साहित्यिक क्षेत्र में कदम रखने से पहले, यशपाल क्रांतिकारी आंदोलन में सक्रिय रूप से संलग्न रहे।

##submission.citations##

प्रकाशित

2024-03-31

अंक

खंड

Articles