प्रो.वशिष्ठ द्विवेदी : एक रचनात्मक व्यक्तित्व

लेखक

  • सीमांकन यादव ##default.groups.name.author##

सार

यहाँ राजनीतिक भ्रष्टाचार की असलियत को प्रस्तुत किया गया है। उपन्यास के रूप में लिखी गई यह संस्मरण-कृति, दिल्ली स्थित 'हिंदी अकादमी' में कार्य करते हुए मैत्री जी के अपने जीवन अनुभवों को बयाँ करती है।

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प्रकाशित

2024-03-31

अंक

खंड

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