विवाह एवं जीवन साथी के चुनाव में युवाओं का रुझान

लेखक

  • डॉ. अनंदी लाल कुर्मी सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) शासकीय हमीदिया कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय भोपाल ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.67275/svrswv59

सार

समाजशास्त्री विवाह को एक पुरुष और एक स्त्री की भूमिकाओं की एक प्रणाली के रूप में देखते हैं, जिनके मिलन को पति-पत्नी के रूप में सामाजिक स्वीकृति प्राप्त है। इस प्रणाली के संतुलन के लिए दोनों भागीदारों के बीच सामंजस्य आवश्यक है ताकि एक साथी द्वारा निभाई गई भूमिका दूसरे की भूमिका संबंधी अपेक्षाओं के अनुरूप हो।

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प्रकाशित

2026-09-30

अंक

खंड

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