झारखंड में स्थानीय समाचार पत्रों की भूमिका और राष्ट्रवादी चेतना का आर्थिक विकास (1900–1947)

लेखक

  • डॉ जीतेंद्र कुमार ##default.groups.name.author##
  • डॉ राजभानु पटेल ##default.groups.name.author##

सार

भारत का स्वतंत्रता आंदोलन केवल राजनीतिक संघर्ष तक ही सीमित नहीं था; यह सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक जागृति का एक व्यापक आंदोलन भी था। इस जागृति में समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने अहम भूमिका निभाई। खासकर स्थानीय समाचार पत्रों ने राष्ट्रवादी विचारधारा को जनता तक पहुँचाने, ब्रिटिश नीतियों का विरोध करने और आम लोगों में स्वतंत्रता के प्रति चेतना जगाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख केंद्र, झारखंड में, स्थानीय समाचार पत्रों ने राष्ट्रवादी भावना को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

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प्रकाशित

2026-03-31

अंक

खंड

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