राजेन्द्र यादव के कथा साहित्य में सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं भाषिक चेतना का समावेशात्मक अध्ययन
सार
राजेंद्र यादव हिंदी कथा-साहित्य के एक प्रमुख हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं में मध्यम-वर्गीय जीवन, व्यक्तिगत संबंधों और समकालीन सामाजिक यथार्थ का गहन चित्रण किया है। यह शोध-पत्र उनके कथा-साहित्य (उपन्यासों और कहानियों) में निहित सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और भावनात्मक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है।







