छापा कला में भारतीय महिला छापाकारों का योगदान

लेखक

  • आशुतोष त्रिपाठी ##default.groups.name.author##
  • (प्रो.)डॉ.जया जैन ##default.groups.name.author##

सार

प्रिंटमेकिंग—जिसे ग्राफ़िक आर्ट भी कहा जाता है—कला के इतिहास में एक लोकतांत्रिक और बहुआयामी माध्यम रहा है। यह शोध-पत्र इस क्षेत्र में महिला प्रिंटमेकर्स के योगदान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें पश्चिमी और भारतीय, दोनों ही संदर्भ शामिल हैं।

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प्रकाशित

2026-03-31

अंक

खंड

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