डिजिटल युग : हिन्दी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति पर प्रभाव
सार
डिजिटल युग ने हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के स्वरूप, पहुँच और अभिव्यक्ति में व्यापक बदलाव किए हैं। इंटरनेट, सोशल मीडिया, ब्लॉग, ई-मैगज़ीन, ई-बुक्स और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ने हिंदी के वैश्विक विस्तार को आसान बनाया है। आज हिंदी केवल प्रिंट मीडिया तक ही सीमित नहीं है; यह डिजिटल संचार के एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरी है। इसने लेखकों को नए प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराए हैं और पाठकों व लेखकों के बीच सीधे संवाद को संभव बनाया है।







