हिन्दी की सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट : कारण, परिणाम और समाधान

लेखक

  • भुवनेश बैरागी ##default.groups.name.author##

सार

यह शोध-पत्र भारतीय समाज में हिंदी के प्रति व्याप्त तिरस्कार, इसके ऐतिहासिक-सांस्कृतिक कारणों और इसके समकालीन सामाजिक परिणामों का आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। भारत की सांस्कृतिक चेतना, बौद्धिक विरासत और सामाजिक संरचना में हिंदी की केंद्रीय भूमिका है।

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प्रकाशित

2025-12-31

अंक

खंड

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