वैश्विक राजनीति में हिन्दी की भूमिका : सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक कूटनीति का विश्लेषण
सार
इक्कीसवीं सदी की भू-राजनीति में, 'शक्ति' की अवधारणा अब केवल सैन्य और आर्थिक क्षमताओं तक ही सीमित नहीं रह गई है; संस्कृति, भाषा, विचार और मूल्य भी अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के महत्वपूर्ण स्रोतों के रूप में उभरे हैं। इस संदर्भ में, 'सॉफ्ट पावर' की अवधारणा विशेष महत्व रखती है। यह शोध-पत्र सांस्कृतिक और भाषाई सॉफ्ट पावर के रूप में हिंदी भाषा की भूमिका का विश्लेषण करता है। अध्ययन का तर्क है कि हिंदी केवल भारत की आंतरिक संपर्क भाषा (लिंगुआ फ्रेंका) नहीं है;







