आदिवासी कविताओं में स्त्री अस्मिता

लेखक

  • डॉ. भारती लक्ष्मी पाल ##default.groups.name.author##

सार

आदिवासी साहित्य आदिवासी पहचान की बात करता है। यह सह-अस्तित्व और जीवन की परस्पर जुड़ी प्रकृति में विश्वास करता है। आदिवासी साहित्य में कविता-लेखन की बहुत पुरानी परंपरा रही है; इसकी नींव मौखिक साहित्य में है।

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प्रकाशित

2025-09-30

अंक

खंड

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