वीरगंगा झलकारी बाई (मोहनदास नैमिशराय):दलित अस्मिता के सरोकार

लेखक

  • डॉ. अंकिता विश्वकर्मा ##default.groups.name.author##

सार

'वीरांगना झलकारी बाई' मशहूर हिंदी कथाकार मोहनदास नैमिशराय का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित उपन्यास है; इसमें दलित पहचान से जुड़े मुद्दों को गहराई से उठाया गया है। लेखक ने झलकारी बाई के बचपन की घटनाओं के ज़रिए उनकी वीरता और साहस को दिखाया है। यह रचना उस धारणा को चुनौती देती है कि केवल उच्च-जाति समाज के प्रतिनिधि ही—जो अक्सर वीरता का दिखावा करते हैं—ऐसी बहादुरी और साहस दिखा सकते हैं।

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प्रकाशित

2025-09-30

अंक

खंड

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