राजस्थानी लोक गीतों में नारी जीवन

लेखक

  • प्रीति पारीक ##default.groups.name.author##
  • डॉ. पिकी पारीक ##default.groups.name.author##

सार

लोकगीत दुनिया भर में इंसानी मन की सामूहिक खुशियों और दुखों की दिल को छू लेने वाली और काव्यात्मक अभिव्यक्ति हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक, इंसानी जीवन के सभी अहम पड़ाव, त्योहार और धार्मिक रीति-रिवाज लोकगीतों के ज़रिए ही पूरे होते हैं। लोक साहित्य में लोकगीतों की अहम भूमिका होती है, क्योंकि इनके बिना लोक साहित्य की कल्पना भी अधूरी है।

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प्रकाशित

2025-09-30

अंक

खंड

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