संजीव कृत ‘फांस’ उपन्यास में अभिव्यक्त पर्यावरण

लेखक

  • डॉ.रत्नेश कुमार यादव ##default.groups.name.author##
  • शिवम ##default.groups.name.author##

सार

पूरी दुनिया पर्यावरण से घिरी हुई है। सभी जीवित और निर्जीव चीज़ें इसमें समाई हुई हैं। इसलिए, जब पर्यावरण का दोहन शुरू हुआ, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा। यहाँ तक कि अंटार्कटिका—जहाँ इंसान नहीं रहते—भी इसके असर से अछूता नहीं रहा; वहाँ के विशाल ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे हैं, जो वहाँ के तापमान में तेज़ी से हो रही बढ़ोतरी का संकेत है।

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प्रकाशित

2025-06-30

अंक

खंड

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