दलित आत्मकथा: चेतना, चिंतन और सौन्दर्यबोध
सार
यह शोध-पत्र आत्मकथा के सौंदर्यपरक तत्वों पर केंद्रित है और सौंदर्यबोध की प्रकृति व स्वरूप की पड़ताल करता है। इस संदर्भ में यह स्पष्ट होता है कि सौंदर्यबोध की उत्पत्ति सौंदर्यपरक अनुभूति और सौंदर्य-चेतना से होती है।
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प्रकाशित
2025-03-31
अंक
खंड
Articles
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दलित आत्मकथा: चेतना, चिंतन और सौन्दर्यबोध . (2025). Shodh Utkarsh, 3(9), 41-47. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/239







