‘श्रृंखला की कड़ियां’निबंध में नारी चेतना

लेखक

  • अंजली कुमारी ##default.groups.name.author##

सार

भारतीय समाज में, महिला को एक आम इंसान के तौर पर देखने के बजाय, हमेशा त्याग और आत्म-बलिदान की मूरत और लगभग देवी के समान सम्मान दिया गया है। चाहे वह बेटी, बहन, पत्नी या किसी भी अन्य भूमिका में हो, उससे हमेशा अपने अधिकारों और इच्छाओं का त्याग करके समझौता करने की उम्मीद की जाती है। महादेवी वर्मा अपने निबंध *शंकर लाल की कहानियाँ* में महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय और शोषण, और उनके सामने आने वाली विभिन्न परिस्थितियों को उजागर करते हुए महिलाओं की चेतना पर अपने विचार रखती हैं।

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प्रकाशित

2025-03-31

अंक

खंड

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