बघेली भाषा में कविता के विविध आयाम
सार
संस्कृत को हिंदी भाषा की जननी माना जाता है। हिंदी भाषा का विकास निम्नलिखित क्रमिक अनुक्रम से हुआ: संस्कृत – पालि – प्राकृत – अपभ्रंश – हिंदी। पूर्वी हिंदी के अंतर्गत तीन बोलियाँ या उप-भाषाएँ आती हैं: अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी। बघेली, हिंदी भाषा की पूर्वी हिंदी शाखा के अंतर्गत एक प्रमुख भाषा है।







