बघेली भाषा में कविता के विविध आयाम

लेखक

  • डॉ. निरपत प्रसाद प्रजापति ##default.groups.name.author##

सार

संस्कृत को हिंदी भाषा की जननी माना जाता है। हिंदी भाषा का विकास निम्नलिखित क्रमिक अनुक्रम से हुआ: संस्कृत – पालि – प्राकृत – अपभ्रंश – हिंदी। पूर्वी हिंदी के अंतर्गत तीन बोलियाँ या उप-भाषाएँ आती हैं: अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी। बघेली, हिंदी भाषा की पूर्वी हिंदी शाखा के अंतर्गत एक प्रमुख भाषा है।

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प्रकाशित

2024-09-30

अंक

खंड

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