भारतीय लोक संस्कृति: समकालीन परिवर्तन

लेखक

  • अमित कुमार सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्वी, चित्रकूट ##default.groups.name.author##

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भारतीय लोक संस्कृति##common.commaListSeparator## समकालीन परिवर्तन##common.commaListSeparator## संस्कृति का प्रतिनिधित्व##common.commaListSeparator## कृत्रिमता और सजावट

सार

लोक संस्कृति भले ही मानव समाज की संस्कृति हो, लेकिन यह अक्सर सभ्यता से दूर रहने वाले मनुष्यों के प्रारंभिक जीवन, व्यवहार और कार्यों की झलक दिखाती है। यह एक ऐसी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है जो सरल, सहज और स्वाभाविक है, जिसमें कृत्रिमता और सजावट का अभाव है। इस संस्कृति में ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक देवी-देवता होते हैं जिनके नाम विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न होते हैं।

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प्रकाशित

2023-06-30

अंक

खंड

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