प्रो.वशिष्ठ द्विवेदी : एक रचनात्मक व्यक्तित्व
सार
यहाँ राजनीतिक भ्रष्टाचार की असलियत को प्रस्तुत किया गया है। उपन्यास के रूप में लिखी गई यह संस्मरण-कृति, दिल्ली स्थित 'हिंदी अकादमी' में कार्य करते हुए मैत्री जी के अपने जीवन अनुभवों को बयाँ करती है।
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प्रकाशित
2024-03-31
अंक
खंड
Articles
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प्रो.वशिष्ठ द्विवेदी : एक रचनात्मक व्यक्तित्व . (2024). Shodh Utkarsh, 2(5), 25-26. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/115







