गांधीवादी दर्शन में पर्यावरण संरक्षण: समकालीन प्रासंगिकता

लेखक

  • पूरन मल मीना&अनिल कुमार शर्मा ##default.groups.name.author##

सार

पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से महात्मा गांधी का दर्शन अत्यंत प्रासंगिक और दूरदर्शी है। औद्योगिक सभ्यता की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा था, "पृथ्वी के पास हर मनुष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, किंतु हर मनुष्य के लालच को पूरा करने के लिए नहीं।"

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प्रकाशित

2023-12-31

अंक

खंड

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