सूफ़ी काव्य की प्रवृत्तियाँ
सार
सूफ़ी काव्य मध्यकालीन हिंदी साहित्य की सबसे महत्त्वपूर्ण काव्य-परंपराओं में से एक है। इस परंपरा में आध्यात्मिक प्रेम को लौकिक प्रेम के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता है। सूफ़ी कवियों ने 'प्रबंध' शैली में लंबी कथात्मक कविताएँ रचीं, जिनमें भारतीय और ईरानी परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलता है। जायसी, मंझन और कुतुबन जैसे सूफ़ी कवियों ने अपनी रचनाओं में प्रेम को एक सार्वभौमिक मानवीय अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया है।







