[1]
“विवेकी राय के कथा-साहित्य में ग्राम्य जीवन का यथार्थ और बदलता सामाजिक परिदृश्य”, s, vol. 4, no. 14, pp. 92–95, Jun. 2026, doi: 10.67275/vtte6d59.