“नौकर की कमीज़’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’: विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन का यथार्थ” (2025) Shodh Utkarsh, 3(12), pp. 104–106. Available at: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/358 (Accessed: 17 June 2026).