नासिरा शर्मा की कहानियों में सांप्रदायिकता

Authors

  • डॉ.शेख़ बेनज़ीर Author

Abstract

विभाजन भारतीय इतिहास की एक अत्यंत भीषण त्रासदी है—जिसके परिणाम आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इस विभाजन से उपजी सांप्रदायिकता ने मानवीय मूल्यों को ही मौलिक रूप से बदल कर रख दिया। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, यह आशा की गई थी कि हमारा राष्ट्र विभाजन की इस त्रासदी से उबरकर धीरे-धीरे सामाजिक सद्भाव की ओर अग्रसर होगा; परंतु, संकीर्ण मानसिकता के कारण, इन मूल्यों का क्षरण ही हुआ है।

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Published

2023-12-31

How to Cite

नासिरा शर्मा की कहानियों में सांप्रदायिकता . (2023). Shodh Utkarsh, 1(4), 88-89. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/98