विस्थापन के परिप्रेक्ष्य में समकालीन हिंदी साहित्य

Authors

  • डॉ.जयचंद्रन.आर Author

Abstract

सामाजिक विज्ञानों में 'विस्थापन' को एक महत्वपूर्ण अवधारणा माना जाता है। यह शब्द विभिन्न सामाजिक और आर्थिक प्रक्रियाओं का वर्णन करता है, जिनके अंतर्गत मानवीय निर्णयों के कारण लोगों को अपने स्थायी अथवा अस्थायी निवास स्थानों को छोड़कर कहीं और जाकर बसने के लिए विवश होना पड़ता है।

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Published

2023-12-31

How to Cite

विस्थापन के परिप्रेक्ष्य में समकालीन हिंदी साहित्य . (2023). Shodh Utkarsh, 1(4), 70-72. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/91