दलित साहित्य का स्वरूप: प्रमुख मुद्दे और चुनौतियाँ

Authors

  • डॉ.वंदना शर्मा Author

Abstract

वर्ग-विभाजन की प्रक्रिया ने समाज को दो अलग-अलग समूहों में बाँट दिया। हालाँकि, यह कोई अचानक घटी घटना नहीं थी, जिसमें समाज का दर्जा और वर्ग के आधार पर एकाएक दो अलग-अलग खेमों में बँटवारा हो गया हो; बल्कि, यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ी। अंततः, उत्पादन के साधनों पर जिनका स्वामित्व था, वे 'उच्च वर्ग' के रूप में उभरे, जबकि जो समुदाय इन साधनों से वंचित थे, उन्हें 'निम्न वर्ग' के रूप में वर्गीकृत किया गया।

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Published

2023-12-31

How to Cite

दलित साहित्य का स्वरूप: प्रमुख मुद्दे और चुनौतियाँ . (2023). Shodh Utkarsh, 1(4), 27-28. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/79