2010 के बाद की महिला लेखिकाओं की कहानियों में, आत्मनिर्भर महिला लेखिकाएँ

Authors

  • अंजना .एम रिसर्च स्कॉलर हिंदी विभाग, केरल विश्वविद्यालय तिरुवनंतपुरम, केरल Author
  • डॉ. आर. जयचंद्र आचार्य हिंदी विभाग, केरल विश्वविद्यालय तिरुवनंतपुरम, केरल Author

Abstract

हिंदी फिल्म उद्योग में, महिलाओं का लेखन पुरुषों के लेखन की तुलना में अधिक जागरूक रहा है। महिलाओं ने कहानियों के माध्यम से अपनी भावनाओं और परिस्थितियों को खुलकर व्यक्त किया है। आज की लेखिकाओं ने महिलाओं की पहचान, स्वतंत्रता, सामाजिकता आदि जैसे हिंदी विषयों को एक नया आयाम दिया है। इस संदर्भ में गीता श्री, प्रज्ञा, उम्भाला हसीरिश, साधु अरोरा और बिंदाना राग जैसी लेखिकाओं का नाम सम्मानपूर्वक लिया जा सकता है।

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Published

2023-09-30

How to Cite

2010 के बाद की महिला लेखिकाओं की कहानियों में, आत्मनिर्भर महिला लेखिकाएँ. (2023). Shodh Utkarsh, 1(3), 88-90. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/61

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