दादुपंथी संतों के साहित्य में सामाजिक-सांस्कृतिक चिंतन

Authors

  • शीतल प्रसाद महेंद्र Author

Keywords:

प्रणाली ने जीवन, भारतीय ज्ञान परंपरा अद्वितीय ज्ञान और बुद्धिमत्ता का प्रतीक, त्याग और वैराग्य का अनूठा संयोजन समाहित है, ऋग्वेद काल से ही शिक्षा प्रणाली ने जीवन के नैतिक

Abstract

भारतीय ज्ञान परंपरा अद्वितीय ज्ञान और बुद्धिमत्ता का प्रतीक है, जिसमें ज्ञान और बुद्धि, भौतिक और आध्यात्मिक, कर्म और धर्म, तथा त्याग और वैराग्य का अनूठा संयोजन समाहित है। ऋग्वेद काल से ही शिक्षा प्रणाली ने जीवन के नैतिक, भौतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक मूल्यों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें विनम्रता, सत्यनिष्ठा, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सभी के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों पर बल दिया गया है।

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Published

2023-09-30

How to Cite

दादुपंथी संतों के साहित्य में सामाजिक-सांस्कृतिक चिंतन. (2023). Shodh Utkarsh, 1(3), 67-70. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/55

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