विनोद कुमार शुक्ल की उपन्यास कला
DOI:
https://doi.org/10.67275/ey5hmw04Keywords:
निम्म मध्यवर्गीय जीवन, नौकरशाही, आर्थिक अभाव, प्रकृति, बचपनAbstract
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यासों में आम आदमी के जीवन का अंकन हुआ है। प्रस्तुत आलेख में विनोद कुमार शुक्ल की उपन्यास कला का विवेचन किया है। विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यासों में आम आदमी के रोज़मर्रा के जीवनानुभव, उसकी परेशानियाँ, संघर्ष आदि का चित्रण है। आपके बच्चों के लिए लिखे गये उपन्यासों में बच्चों के रंग – भरी दुनिया का चित्रण बखूबी से किया है। शुक्ल जी जो बात कहना चाहते हैं उनको शब्दों से गढ़ते नहीं बल्कि शब्दों से खेलने की कोशिश करते हैं। यह उनकी भाषाई कौशल है।







