सुशीला टाकभौंरे के साहित्य में नारी चेतना
Abstract
सुशीला टाकभौरे समकालीन हिंदी दलित साहित्य की प्रमुख महिला आवाज़ों में से एक हैं। उनकी रचनाएँ मुख्य रूप से दलित महिलाओं के बहुआयामी शोषण, सामाजिक-आर्थिक असमानताओं, पितृसत्तात्मक दमन और जाति व लिंग के अंतर्संबंधों पर केंद्रित हैं।
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Published
2026-03-31
Issue
Section
Articles
How to Cite
सुशीला टाकभौंरे के साहित्य में नारी चेतना. (2026). Shodh Utkarsh, 4(13), 96-97. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/402







