कामायनी : एक महाकाव्य

Authors

  • पी.एम.आर. जयंती Author

Abstract

'कामायनी' मशहूर हिंदी कवि जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक अनोखा और बेजोड़ महाकाव्य है; इसे हिंदी साहित्य के 'छायावादी' (रोमांटिक) युग की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है। यह 1935-36 में प्रकाशित हुआ था। यह महाकाव्य 15 सर्गों में बंटा हुआ है, जिनमें मानवीय मन की विभिन्न अवस्थाओं—चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईर्ष्या, बुद्धि (इडा), स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य और आनंद—को बहुत बारीकी से दिखाया गया है।

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Published

2025-12-31

How to Cite

कामायनी : एक महाकाव्य. (2025). Shodh Utkarsh, 3(12), 112-113. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/361