नौकर की कमीज़’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’: विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन का यथार्थ
Abstract
विनोद कुमार शुक्ल को समकालीन हिंदी साहित्य का एक बेहद खास और संवेदनशील लेखक माना जाता है। हालाँकि वे मुख्य रूप से कवि और लघु कथाओं व उपन्यासों के लेखक हैं, लेकिन उनकी पहचान केवल इन्हीं विधाओं तक सीमित नहीं है; उनकी रचनाओं में सादगी, सुंदरता और गहराई का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है।







