बंजारा समाज की रहन-सहन : परंपरा, संघर्ष और परिवर्तन का समाजशास्त्रीय अध्ययन

Authors

  • राठोड अजय Author

Abstract

बंजारा समुदाय एक प्राचीन खानाबदोश समूह है, जिसकी अपनी एक अलग पहचान है जो इसके रहन-सहन, पहनावे, खान-पान और सामाजिक जीवन में झलकती है। ऐतिहासिक रूप से, यह समुदाय व्यापार और पशुपालन से जुड़ा रहा है। इस लेख में बंजारा समुदाय के पारंपरिक जीवन-शैली पर चर्चा की गई है।

References

Downloads

Published

2025-09-30

How to Cite

बंजारा समाज की रहन-सहन : परंपरा, संघर्ष और परिवर्तन का समाजशास्त्रीय अध्ययन . (2025). Shodh Utkarsh, 3(11), 111-112. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/315