भास के नाटक 'स्वप्नवासवदत्ता' में पर्यावरण संरक्षण का चिंतन: एक विश्लेषण

Authors

  • डॉ. हुकुम सिंह मण्डलोई Author

Abstract

भास का नाटक *स्वप्नवासवदत्त* इंसान और प्रकृति के रिश्ते की गहरी समझ देता है। जहाँ यह नाटक वत्सराज उदयन और वासवदत्ता की प्रेम कहानी को दिखाता है, वहीं यह इंसानों और प्राकृतिक दुनिया के बीच तालमेल की एक प्रतीकात्मक कहानी भी पेश करता है; भास प्रकृति को सिर्फ़ एक पृष्ठभूमि के तौर पर नहीं, बल्कि नाटक में एक सक्रिय भागीदार के रूप में दिखाते हैं।

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Published

2025-09-30

How to Cite

भास के नाटक ’स्वप्नवासवदत्ता’ में पर्यावरण संरक्षण का चिंतन: एक विश्लेषण . (2025). Shodh Utkarsh, 3(11), 101-103. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/312