मोहनदास नैमिशराय के साहित्य में वंचित समाज का यथार्थ चित्रण
Abstract
मोहनदास नैमिशराय हिंदी दलित साहित्य के प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं के ज़रिए उस समाज की कठोर सच्चाइयों को सामने लाकर इस साहित्य-धारा को एक नई दिशा दी। उनका जन्म 1949 में मेरठ की एक दलित बस्ती में हुआ था, जहाँ जाति-आधारित अपमान और आर्थिक तंगी के बीच उनका बचपन बीता।







