हिन्दी भाषा और वंचित समाज की अस्मिता

Authors

  • डॉ.सुनीता Author

Abstract

हिंदी पूरे भारत में बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास पाली, प्राकृत और संस्कृत से हुआ है; इसके विकास पर न केवल विभिन्न बोलियों का, बल्कि विदेशी भाषाओं का भी प्रभाव पड़ा है। हिंदी कहावतों की संरचना दलितों के प्रति हिंदी-भाषी समुदाय की सोच को दर्शाती है; कई कहावतें दलित समुदाय को कमजोर या निम्न दर्जे का दिखाती हैं। हिंदी दूसरी भाषाओं के शब्दों को अपनाकर ही जीवंत बनी रह सकती है।

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Published

2025-09-30

How to Cite

हिन्दी भाषा और वंचित समाज की अस्मिता . (2025). Shodh Utkarsh, 3(11), 90-91. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/308