किन्नर बच्चों के लिए संघर्षरत माँ- हिन्दी उपन्यासों के सन्दर्भ में

Authors

  • अमिता टेटे & डॉ. महेन्द्र कुमार वर्मा Author

Abstract

भारत के आदिवासी समाज की जीवनशैली अनोखी है—यह बाकी समाजों से अलग और प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई है। इस जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका अहम रही है। उनका जीवन पूरी तरह से प्रकृति से जुड़ा रहा है, क्योंकि वे प्राचीन काल से ही ऊबड़-खाबड़ इलाकों—जैसे जंगल, पहाड़, नदियाँ और घाटियों—में रहती आई हैं। प्रकृति की गोद में पली-बढ़ी इन महिलाओं ने न केवल अपने परिवार का पालन-पोषण करने की ज़िम्मेदारी निभाई...

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Published

2025-03-31

How to Cite

किन्नर बच्चों के लिए संघर्षरत माँ- हिन्दी उपन्यासों के सन्दर्भ में. (2025). Shodh Utkarsh, 3(9), 52-54. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/241

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