भारतीय जनजातीय जनसँख्या में परिवर्तन का विश्लेषण

Authors

  • डॉ. सारदा प्रसाद Author

Abstract

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 366(25) अनुसूचित जनजातियों को उन समुदायों के रूप में परिभाषित करता है जो अनुच्छेद 342 के तहत सूचीबद्ध हैं। हालाँकि इंसानी फ़ितरत में ही स्वार्थ होता है, लेकिन किसी को इतना भी स्वार्थी नहीं होना चाहिए कि वह किसी दूसरे व्यक्ति की जान जोखिम में डाल दे या उनके विकास के सभी रास्ते और अवसर बंद कर दे।

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Published

2025-03-31

How to Cite

भारतीय जनजातीय जनसँख्या में परिवर्तन का विश्लेषण . (2025). Shodh Utkarsh, 3(9), 33-40. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/238