फादर कामिल बुल्के का हिंदी साहित्य में योगदान
Abstract
फादर खमल बालुके (1909–1982) हिंदी साहित्य के सबसे जाने-माने नामों में से एक हैं, जिन्हें अक्सर अलग-अलग संस्कृतियों की समझ और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। बेल्जियम के एक पादरी जिन्होंने अपना जीवन भारत को समर्पित कर दिया, बालुके न केवल भारत में हिंदी भाषा के हिमायती बने, बल्कि इसके प्रमुख समर्थकों में से एक भी बने। उनकी यात्राएँ केवल उनकी भाषा की जानकारी के लिए ही नहीं थीं,







