हिन्दी कहानी लेखन और संजीव

Authors

  • डॉ. पी.एम.आर. जयंती Author

Abstract

कहानी सुनाना एक बहुत पुरानी परंपरा है; इसकी शुरुआत इंसानी सभ्यता के जन्म के साथ ही हुई थी। कहानी सुनाने की कला का जन्म और विकास इंसानों के जन्म और विकास के साथ-साथ हुआ है। जब से इंसानों ने भाषा का इस्तेमाल करना शुरू किया, तब से ही कहानियाँ सुनाने और सुनने की परंपरा चली आ रही है। शुरू से ही, कहानी सुनाना मनोरंजन का एक ज़रिया रहा है। यह नैतिक शिक्षा देने का भी एक माध्यम था, जिससे मानवीय मूल्यों को अपनाना आसान हो गया।

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Published

2025-03-31

How to Cite

हिन्दी कहानी लेखन और संजीव. (2025). Shodh Utkarsh, 3(9), 08-09. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/229

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