बालश्रम अवधारणा एवं मानव अधिकार संरक्षण

Authors

  • अनिल कुमार शर्मा & पूरन मल मीना Author

Abstract

बाल श्रम मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है, जो दुनिया भर के बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर असर डालता है। यह शोध पत्र मानवाधिकारों के सैद्धांतिक और ऐतिहासिक दायरे में बाल श्रम की अवधारणा का विश्लेषण प्रस्तुत करता है—जिसमें इसके ऐतिहासिक मूल, कारणों और बुरे परिणामों को शामिल किया गया है। यह लेख बाल श्रम को गरीबी, सामाजिक असमानता और शोषण का परिणाम बताता है, जिसमें 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे मज़दूर बन जाते हैं, और इस तरह वे शिक्षा और अपने बचपन—दोनों से वंचित रह जाते हैं।

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Published

2024-06-30

How to Cite

बालश्रम अवधारणा एवं मानव अधिकार संरक्षण . (2024). Shodh Utkarsh, 2(6), 62-64. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/155