डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' के साहित्य में शिक्षा की भूमिका

Authors

  • मालती बी.आर.& बृज भूषण गुप्ता Author

Abstract

डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' की काव्य रचनाएँ शिक्षा और साहित्य के बीच के गहन संबंध का एक व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना ​​है कि साहित्य शिक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग है—जो न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्तित्व विकास और सामाजिक चेतना को भी बढ़ावा देता है। साहित्य शिक्षा के एक ऐसे माध्यम के रूप में कार्य करता है, जो किसी व्यक्ति के बौद्धिक, भावनात्मक और नैतिक विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाता है।

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Published

2024-03-31

How to Cite

डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’ के साहित्य में शिक्षा की भूमिका . (2024). Shodh Utkarsh, 2(5), 78-79. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/135