भक्ति जागरण में निर्गुण काव्य के प्रवर्तक-संत नामदेव

Authors

  • डॉ. राजकुमार उपाध्याय 'मणि' Author

Abstract

भारत में, भक्ति आंदोलन में सबसे महत्वपूर्ण योगदान विशेष रूप से मराठी संतों को दिया जाता है, जिन्होंने *सगुण* (सगुण ईश्वर की भक्ति) और *निर्गुण* (निर्गुण ईश्वर की भक्ति)—दोनों ही प्रकार की भक्ति धाराओं का प्रचार-प्रसार किया। महाराष्ट्र में भक्ति परंपरा की शुरुआत का श्रेय आचार्य पुंडलिक को जाता है, क्योंकि उन्हीं ने पंढरपुर को महाराष्ट्रीय भक्ति आंदोलन के मुख्य केंद्र के रूप में स्थापित किया था।

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Published

2024-03-31

How to Cite

भक्ति जागरण में निर्गुण काव्य के प्रवर्तक-संत नामदेव . (2024). Shodh Utkarsh, 2(5), 50-52. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/126