आधुनिकता के सम्बंध में डॉ. रामविलास की मान्यताएँ
Abstract
डॉ. रामविलास शर्मा हिंदी साहित्य के इतिहासकारों के उस समूह से संबंध रखते हैं, जिन्होंने—रामचंद्र शुक्ल और हजारी प्रसाद द्विवेदी के विपरीत—हिंदी साहित्य के इतिहास पर कोई स्वतंत्र या अलग से ग्रंथ नहीं लिखा; फिर भी, उनके विशाल रचना-संसार में साहित्येतिहास के तत्व प्रचुर मात्रा में गुंथे हुए हैं। उनके चिंतन और लेखन में न केवल साहित्येतिहास के संघटक तत्व विद्यमान हैं, बल्कि वे इतिहास के प्रति दृष्टिकोण से संबंधित मौलिक अवधारणाओं को भी अपने भीतर समेटे हुए हैं।







