दलित पहचान और सशक्तिकरण: दलित आंदोलन पर अंबेडकर का प्रभाव

Authors

  • दीपक कुमार अहिरवार सहायक प्राध्यापक, हिन्दी पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय बेगमगंज जिला रायसेन मध्य प्रदेश Author
  • डॉ. संतोष कुमार अहिरवार सहायक प्राध्यापक हिन्दी प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय नर्मदा महाविद्यालय नर्मदापुरम, म. प्र. Author

DOI:

https://doi.org/10.67275/aknqap78

Keywords:

दलित, दलित पहचान, दलित सशक्तिकरण, दलित आंदोलन, दलित आंदोलन पर अंबेडकर का प्रभाव, महाड़ सत्याग्रह, कालाराम मंदिर सत्याग्रह, बौद्ध धर्म ग्रहण आंदोलन आदि।

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र ’दलित पहचान और सशक्तिकरण: दलित आंदोलन पर अंबेडकर का प्रभाव’ विषय पर आधारित है।  इस शोध पत्र में डॉ. अंबेडकर के द्वारा किए गए आंदोलनों का वर्णन किया गया है। साथ ही दलितों को पहचान दिलाने के लिए तथा उनके सशक्तिकरण के लिए विभिन्न प्रयासों का वर्णन किया गया है। डॉ. अंबेडकर एक सामाजिक क्रांति के प्रणेता के रूप में जाने जाते हैं। सामाजिक परिवर्तन उनके लिए विशेष महत्त्व रखता है। डॉ. अंबेडकर समानता, बंधुता और स्वतंत्रता के आदर्श पुरुष माने जाते हैं। महाराष्ट्र के महाड़ नामक स्थान पर चावदार तालाब में दलितों के अलावा अन्य वर्ग यहॉ तक की जानवर भी तालाब का पानी पी सकते थे लेकिन दलित नहीं। वहां डॉ. अंबेडकर ने 20 मार्च 1927 में अछूतों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया जिसे महाड़ सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। इस दिन को ’सामाजिक सशक्तिकरण दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। ’कालाराम मंदिर सत्याग्रह’ दलित एवं वंचितों के संघर्ष की दूसरी प्रमुख घटना है। 02 मार्च 1930 को महाराष्ट्र के नासिक में डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में मंदिर प्रवेश हेतु आंदोलन शुरू हुआ जिसे नासिक सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता है। इस आंदोलन के तहत डॉ. अंबेडकर ने दलितों को मंदिर प्रवेश कराया। डॉ. अंबेडकर के उक्त दोनों आंदोलनों ने दलितों को पहचान दिलाई है तथा उनके सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। आज डॉ. अंबेडकर को दलित वर्ग अपना मसीहा मानता है। डॉ. अंबेडकर सामाजिक विषमता के विरोधी एवं सामाजिक एकता के पक्षधर थे। समता उनके मूल में थी। दलितों की मुक्ति के लिए अनेक प्रयास डॉ. अंबेडकर ने किए हैं। डॉ. अंबेडकर ने लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया ताकि दलित वर्ग भेदभाव रहित हो और सामाजिक जातिभेद से मुक्ति पा सके।

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Published

2026-09-30

How to Cite

दलित पहचान और सशक्तिकरण: दलित आंदोलन पर अंबेडकर का प्रभाव. (2026). Shodh Utkarsh, 4(15), 40–43. https://doi.org/10.67275/aknqap78

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