बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत के समक्ष चुनौतियों के समाधान में ग्राम पंचायतों की भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.67275/4nexfw98Abstract
आज के समय में, भारत के सामने भी वैश्वीकरण, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी क्रांति, आर्थिक असमानता और टिकाऊ विकास से जुड़ी वैसी ही चुनौतियां हैं जैसी बाकी दुनिया के सामने हैं। इन चुनौतियों का असर खासकर ग्रामीण इलाकों में साफ़ दिखता है, जहाँ आजीविका, संसाधनों के प्रबंधन, डिजिटल समावेश और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई मुद्दे उभर रहे हैं। 1992 का 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, जिसने भारत में पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक आधार दिया, स्थानीय स्वशासन को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम था।







